उत्तर प्रदेश

शिक्षक दिवस पर योगी का बड़ा वार, नकल व्यवस्था पर उठाए सवाल

सीएम योगी ने गोरखपुर में कहा, 2017 से पहले ठेके पर नकल होती थी। सैफई महोत्सव खर्च पर निशाना साधते हुए शिक्षा, AI और तकनीक पर जोर दिया।

Reported by Shagun Chaurasia and edited by Shagun Chaurasia

CM Yogi: शिक्षक दिवस के मौके पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को गोरखपुर में आयोजित शिक्षक सम्मान समारोह में शिक्षा व्यवस्था और प्रदेश में हुए बदलावों का जिक्र किया। बाबा गंभीरनाथ प्रेक्षागृह में आयोजित कार्यक्रम में उन्होंने माध्यमिक और बेसिक शिक्षा के उत्कृष्ट शिक्षकों को सम्मानित किया।

2017 से पहले नकल का दावा

CM योगी ने दावा किया कि 2017 से पहले उत्तर प्रदेश में नकल का चलन व्यापक था और परीक्षाओं में ‘ठेके पर नकल’ कराई जाती थी। उन्होंने कहा कि ऐसी व्यवस्था के कारण मेहनत करने वाले युवाओं के सामने पहचान और अवसर का संकट खड़ा होता था। उनके मुताबिक, अब शिक्षकों के नवाचार और प्रयासों से शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार हुआ है और प्रदेश की छवि भी बेहतर हुई है।

नवाचार करने वाले शिक्षकों की सराहना

मुख्यमंत्री ने उन शिक्षकों की प्रशंसा की, जिन्होंने पढ़ाई के नए तरीके अपनाए, विद्यार्थियों का नामांकन बढ़ाया और स्कूलों में बच्चों की रुचि विकसित करने के लिए नए प्रयोग किए। उन्होंने कहा कि ऐसे प्रयास दूसरे शिक्षकों के लिए भी प्रेरणा बन सकते हैं। उन्होंने शिक्षकों से शिक्षा व्यवस्था को लगातार बेहतर बनाने और विद्यार्थियों को आधुनिक तकनीक से जोड़ने पर जोर दिया।

AI और रोबोटिक्स पर जोर

योगी आदित्यनाथ ने कहा कि आने वाला दौर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, रोबोटिक्स और 3D तकनीक का है। इसलिए शिक्षकों और विद्यार्थियों को इन तकनीकों की समझ अभी से विकसित करनी होगी। तकनीक आधारित शिक्षा बच्चों को भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

सैफई महोत्सव के खर्च पर निशाना

मुख्यमंत्री ने पूर्ववर्ती सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि यदि सैफई महोत्सव जैसे आयोजनों पर खर्च होने वाला पैसा शिक्षा के क्षेत्र में लगाया जाता तो बड़ी संख्या में बच्चों के भविष्य को बेहतर बनाने में मदद मिल सकती थी। उन्होंने बर्मिंघम से रथ मंगाने के खर्च का जिक्र करते हुए भी पिछली सरकार की प्राथमिकताओं पर सवाल उठाया।

यूपी की ज्ञान परंपरा को किया याद

शिक्षक दिवस पर मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया के जरिए प्रदेश की प्राचीन ज्ञान परंपरा का उल्लेख किया। उन्होंने काशी, सारनाथ, अयोध्या, मथुरा-वृंदावन और प्रयागराज को ज्ञान परंपरा के प्रमुख केंद्र बताया। उन्होंने शुकतीर्थ और नैमिषारण्य का भी जिक्र करते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश की धरती ने आयुर्वेद, दर्शन, अध्यात्म और भारतीय ज्ञान-विज्ञान की समृद्ध परंपराओं को आगे बढ़ाया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आज के शिक्षक इसी विरासत को आधुनिक शिक्षा, तकनीक और नवाचार से जोड़कर नई पीढ़ी का भविष्य तैयार कर रहे हैं। उन्होंने प्रदेश के सभी शिक्षकों और गुरुजनों को शिक्षक दिवस की शुभकामनाएं दीं।

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